अमरोहा:फंदे पर लटकेगा खूनी प्यार -अपने परिवार के सात सदस्यों को मारने वाली बेटी और उसके प्रेमी को सजा ए मौत 16जुलाई (ब्यूरो) अमरोहा
-अदालत ने सुनाया फैसला प्यार को हासिल करने के लिए परिवार की जान की दुश्मन बनी कलयुगी बेटी और उसके प्रेमी को अदालत ने सजा ए मौत सुनाई है| इश्क में अंधी इस बेटी ने कुल्हाड़ी से अपने परिवार के सात सदस्यों को काट डाला था| इस रौंगटे खड़े कर देने वाले अपराध ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी| मगर इस कातिल प्रेम कहानी का एक पहलु यह भी रहा की जिस प्यार के लिए दोनों ने सात क़त्ल किये जेल की सलाखों में वो प्यार इतना फीका पड़ गया की खुद को बचाने के लिए अदालत में दोनों एक दुसरे पर क़त्ल का आरोप लगाने लगे| अदालत ने दोनों को एक दूसरे का गवाह बना कर उन्हें सजा ए मौत का फरमान सुना दिया| बहुचर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड में प्रेमी युगल शबनम और सलीम को जिला एवं सत्र न्यायालय ने कातिल करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। प्रेमी सलीम के सहयोग से शबनम ने अपने सात परिजनों को मौत के घाट उतारा था।हसनपुर कोतवाली के गांव बावनखेड़ी में मास्टर शौकत अली की बेटी शबनम ने 14 अप्रैल 08 की रात को गांव के ही अपने प्रेमी सलीम पुत्र अब्दुल रऊफ के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस व राशिद, भाभी अंजुम, दस महीने के मासूम भतीजे अर्श तथा फुफेरी बहन राबिया को चाय में नशीली गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। बाद में दोनों ने कुल्हाड़ी से छह परिजनों का गला काट डाला था, जबकि दस माह के मासूम भतीजे अर्श को गला दबाकर मौत की गहरी नींद सुला दिया था।15 अप्रैल की रात पुलिस ने शौकत के पड़ोसी लतीफुल्ला पुत्र सलामतुल्ला की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक आरपी गुप्ता ने 18 अप्रैल को शबनम के प्रेमी सलीम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली थी। 19 अप्रैल को पुलिस ने शबनम को भी गिरफ्तार कर नरसंहार का खुलासा कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान शबनम ने 14 दिसंबर 2008 को जेल में बेटे को जन्म दिया। दो साल दो महीने बाद 17 जून को शबनम व सलीम ने जिला जज एस एए हुसैनी के सामने पहली बार एक दूसरे पर सभी हत्याएं करने का आरोप लगाया। जिला जज ने दोनों को एक दूसरे का गवाह बनाया तथा लिखित बयान दर्ज कराए। इससे पहले इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा बनाए गए 78 गवाहों में से 29 गवाह अदालत में पेश किए गए तथा शबनम व सलीम 43 बार अदालत में हाजिर हुए। देशभर की नजरों में आ चुके इस मुकदमे में ठीक सवा दो साल बाद 14 जुलाई को शबनम व सलीम को सात लोगों की हत्याएं करने का दोषी ठहराया था। गुरुवार को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे पुलिस के विशेष वाहन से कड़ी सुरक्षा के बीच शबनम व सलीम को अदालत में हाजिर किया गया। जिला जज ने आज सात लोगों के हत्यारे कातिल प्रेमी युगल शबनम व सलीम को फांसी की सजा सुनाई है।
अमरोहा:फंदे पर लटकेगा खूनी प्यार
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16जुलाई (ब्यूरो) अमरोहा
-अदालत ने सुनाया फैसला प्यार को हासिल करने के लिए परिवार की जान की दुश्मन बनी कलयुगी बेटी और उसके प्रेमी को अदालत ने सजा ए मौत सुनाई है| इश्क में अंधी इस बेटी ने कुल्हाड़ी से अपने परिवार के सात सदस्यों को काट डाला था| इस रौंगटे खड़े कर देने वाले अपराध ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी| मगर इस कातिल प्रेम कहानी का एक पहलु यह भी रहा की जिस प्यार के लिए दोनों ने सात क़त्ल किये जेल की सलाखों में वो प्यार इतना फीका पड़ गया की खुद को बचाने के लिए अदालत में दोनों एक दुसरे पर क़त्ल का आरोप लगाने लगे| अदालत ने दोनों को एक दूसरे का गवाह बना कर उन्हें सजा ए मौत का फरमान सुना दिया| बहुचर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड में प्रेमी युगल शबनम और सलीम को जिला एवं सत्र न्यायालय ने कातिल करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। प्रेमी सलीम के सहयोग से शबनम ने अपने सात परिजनों को मौत के घाट उतारा था।हसनपुर कोतवाली के गांव बावनखेड़ी में मास्टर शौकत अली की बेटी शबनम ने 14 अप्रैल 08 की रात को गांव के ही अपने प्रेमी सलीम पुत्र अब्दुल रऊफ के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस व राशिद, भाभी अंजुम, दस महीने के मासूम भतीजे अर्श तथा फुफेरी बहन राबिया को चाय में नशीली गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। बाद में दोनों ने कुल्हाड़ी से छह परिजनों का गला काट डाला था, जबकि दस माह के मासूम भतीजे अर्श को गला दबाकर मौत की गहरी नींद सुला दिया था।15 अप्रैल की रात पुलिस ने शौकत के पड़ोसी लतीफुल्ला पुत्र सलामतुल्ला की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक आरपी गुप्ता ने 18 अप्रैल को शबनम के प्रेमी सलीम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली थी। 19 अप्रैल को पुलिस ने शबनम को भी गिरफ्तार कर नरसंहार का खुलासा कर दिया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान शबनम ने 14 दिसंबर 2008 को जेल में बेटे को जन्म दिया। दो साल दो महीने बाद 17 जून को शबनम व सलीम ने जिला जज एस एए हुसैनी के सामने पहली बार एक दूसरे पर सभी हत्याएं करने का आरोप लगाया। जिला जज ने दोनों को एक दूसरे का गवाह बनाया तथा लिखित बयान दर्ज कराए। इससे पहले इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा बनाए गए 78 गवाहों में से 29 गवाह अदालत में पेश किए गए तथा शबनम व सलीम 43 बार अदालत में हाजिर हुए। देशभर की नजरों में आ चुके इस मुकदमे में ठीक सवा दो साल बाद 14 जुलाई को शबनम व सलीम को सात लोगों की हत्याएं करने का दोषी ठहराया था। गुरुवार को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे पुलिस के विशेष वाहन से कड़ी सुरक्षा के बीच शबनम व सलीम को अदालत में हाजिर किया गया। जिला जज ने आज सात लोगों के हत्यारे कातिल प्रेमी युगल शबनम व सलीम को फांसी की सजा सुनाई है।